NIOS 10th Hindi Notes Chapter 3 गिल्लू

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Hindi Notes Chapter 3  गिल्लू

NIOS 10th Hindi Notes Chapter 3  गिल्लू

महादेवी वर्मा का जीवन परिचय देते हुए उनकी कृतियों का उल्लेख कीजिए

उत्तर –जीवन परिचय –

श्रीमती महादेवी वर्मा जी का जन्म उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में सन 1907 में हुआ था वह एक संपन्न परिवार की सुपुत्री थी इनके पिता का नाम श्री गोविंद प्रसाद वर्मा था यह भागलपुर के एक कॉलेज में प्रधानाचार्य पद पर आसीन थे |

इनकी माता विदुषी एक ग्रहणी महिला थी और धार्मिक स्वभाव की प्रवृत्ति रखी थी महादेवी वर्मा की प्रारंभिक शिक्षा दीक्षा इंदौर के उच्च शिक्षा प्रयाग के प्राइवेट कॉलेज में हुई यह एक ही गर्ल्स कॉलेज था|

तथा इन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से संस्कृत में m.a. उत्तीर्ण करने के बाद प्रयाग महिला विद्यापीठ में अध्यापक का पद संभाला, इनका विवाह 9 वर्ष की आयु में हुआ था|

देवी वर्मा का निधन-

 1987 ईस्वी में इलाहाबाद में हुआ था महादेवी वर्मा ने संस्कृत अंग्रेजी चित्रकला आदि की शिक्षा घर से ही प्राप्त की थी किंतु जब इनकी शादी हुई तो इनके अध्ययन में बहुत सी बाधाएं आने लगी किंतु इनके पति के प्रयास के कारण इन्होंने इलाहाबाद कॉलेज में अध्ययन किया और वही हॉस्टल में रहने लगी तथा कक्षा आठवीं की परीक्षा में पूरे प्रांत में प्रथम स्थान प्राप्त किया जब तक उन्होंने मैट्रिक पास किया तब तक वह एक सफल कवित्री के रूप में प्रसिद्ध हो चुकी थी सन 1932 में उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से संस्कृत में m.a. पास कर लिया|

 महादेवी वर्मा का साहित्य में योगदान –

 महादेवी वर्मा ने विद्यार्थी जीवन से ही राष्ट्रीय जागरण की कविताएं लिखनी शुरू कर दी थी और ऐसी कविताएं लिखती रहती थी जिनमें मानवीय संवेदना साफ साफ दिखती थी|

महादेवी वर्मा ने लेखन संपादन और अध्यापन में अपना अमूल्य योगदान दिया यह प्रयाग महिला विद्यापीठ की प्राचार्य ही कुलपति भी बनी उनकी रचनाओं में निहार निर्जा संगीत दीपशिखा और यामा उल्लेखनीय है जबकि स्मृति की रेखाएं और अतीत के चलचित्र उनके संस्मरण का आत्मा का गद्य रचना का संग्रह है इनकी श्रृंखला की कड़ियां पद का साथी मेरा परिवार आदि प्रसिद्ध निबंध संकलन है महादेवी वर्मा बौद्ध धर्म से बहुत प्रभावित थी और महात्मा गांधी के आदर्शों पर चलकर समाज सेवा में अमूल्य योगदान देना चाहती थी |

स्त्रोत शक्ति उनकी शिक्षा विकास के लिए उन्होंने समाज में बहुत सी कार्य के और सदैव आवाज उठाती रही

महादेवी की प्रसिद्ध कृतियां महादेवी की अनेकों कृतियां बहुत प्रसिद्ध भी जिनको अधोलिखित रूप से दर्शाया गया है|

 कविता संग्रह –

 महादेवी कविता में बहुत उत्कृष्ट का लेखिका थी। जिसमें रश्मि निर्जा ,निहार ,दीपशिखा, सप्तपर्णा ,अग्नि रेखा, आदि प्रमुख है ,इसके साथ साथ कुछ अन्य काव्य संग्रह जैसे आत्मिका परिक्रमा यामाहा महादेवी वर्मा जी की प्रसिद्ध कृतियों में शामिल की जाती है |

रेखा चित्र-

अतीत के चलचित्र में स्मृति की रेखाएं महादेवी वर्मा की प्रमुख रेखा चित्र है

 निबंध-

 महादेवी वर्मा द्वारा लिखित निबंध ओं में श्रृंखला की कड़ियां हैं जिसमें आस्था तथा अन्य अन्य प्रसिद्ध निबंध है|

 संस्मरण –

 संस्मरण में महादेवी वर्मा ने मुख्य पथ का साथी मेरा परिवार आदि संस्मरण को लिखा है |

 महादेवी वर्मा को भारत सरकार द्वारा दिए गए पुरस्कार –

 महादेवी वर्मा को हिंदी साहित्य तथा समाज कल्याण के अथक प्रयास के कारण कई प्रकार के पुरस्कार दिए गए हैं|

 1.सर्वप्रथम 1943 में मंगला प्रसाद पुरस्कार तथा भारत भारती सम्मान से इन को सम्मानित किया गया |

 2 .  1956 में भारत सरकार द्वारा उन्हें हिंदी साहित्य में दिए गए अमूल्य योगदान के लिए पदम भूषण से अलंकृत किया गया तथा 1988 में उन्हें पद्म विभूषण से सम्मानित भी किया गया

 3.महादेवी वर्मा की रचना मिर्जा के लिए 1934 में  पुरस्कार से इन्हें सम्मानित किया गया |

4 .यामा के लिए 1982 में ज्ञानपीठ पुरस्कार से इन्हें सुशोभित किया गया इसके साथ ही उनकी अन्य काव्य संग्रह के लिए विभिन्न प्रकार की साहित्य पुरस्कार से सम्मानित किया जाता रहा है  |

 5.एक ऐसी महिला थी जो अपने जीवन में सदैव इन्होंने समाज सुधार तथा स्त्रियों के उत्थान के लिए अनेकों कार्य किए जब तक रहेगी संसार इनको याद करता रहेगा

                    प्रथम पाठ के महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर

 प्रश्न १. श्रीमती महादेवी वर्मा क्यों प्रसिद्ध है?

उत्तर- महादेवी वर्मा प्रसिद्ध कवित्री हैं इसलिए प्रसिद्ध है |

 

प्रश्न २-पाठ के आधार पर कौव्वा को कभी सम्मानित और कभी अपमानित क्यों करते हैं?

उत्तर- कौवा बड़ा विचित्र प्राणी है कभी उसको सम्मानित और कभी उसको अपमानित इसलिए करते हैं क्योंकि पितृ पक्ष के लोग इसे आदर्श से बुलाते हैं, और जब उनका कार्य पूरा हो जाता है और कौवा कभी बोलता है तो कान में शोर-शराबे के कारण उसको उड़ा दिया जाता है|

 

प्रश्न ३- गिलहरी के घायल बच्चे का उपचार लेखिका ने किस प्रकार किया?

उत्तर- लेखिका ने घायल गिलहरी के बच्चे को उठाकर अपने घर ले गई उसके घाव को रूइ साफ़ किया | तथा उसे दूध की कुछ बूंद पिलाई परंतु उसका मुंह पूरा नहीं खुल रहा था कुछ देर के उपरांत उसने पानी पिया और धीरे-धीरे वह स्वस्थ हो गया

 प्रश्न ४- लिखी काका लेखिका का ध्यान आकर्षित करने के लिए गिल्लू क्या करता था ?

उत्तर- लेखिका का ध्यान आकर्षित करने के लिए गिल्लू अपने पैरों को उठाता उठता तेजी से भागता लेखिका के कंधों पर जाता जिससे कि लेखिका उसकी ओर आकर्षित हो |

 

प्रश्न ५ – गिल्लू को मुक्त करने की आवश्यकता क्यों समझी गई और उनके लिए लेखिका ने क्या उपाय किया ?

उत्तर- लेखिका के जीवन का पहला बसंत आया 1 वर्ष का हो गया था कमरे में बाहर के फूलों की सुगंध फैल रही थी बाहर की गिलहरी आकर जाली के पास बैठ जाती और उन्हें देखकर उनके पास आकर बैठ जाता उसके लिए इस प्रकार बाहर निहारने दिल की आदत बन गई इसको अब मुक्त कर देना चाहिए या बाहर चला गया

 

प्रश्न ६ – गिल्लू अपनी भूमिका किस प्रकार निभा रहा था ?

उत्तर-एक बार लेखिका बीमार हो गई तो गिल्लू उनके सिरहाने बैठ जाता और नंदू से उनके बालों को सहायता सहल आता इस प्रकार वह सच्चे अर्थों में लिखी काका परिचारिका बन गया |

 

प्रश्न-७ गिल्लू की ओर से यह आभास मिलने लगा कि आप उसका अंत समीप आ गया उत्तर गिलहरियों के जीवन केवल 2 वर्ष का होता है अतनु के जीवन का अंत आ गया उसने एक दिन वो भी कुछ नहीं खाया अंत में वह झूले से उतरकर लिखेगा के बिस्तर पर आ गया और उसके उंगली से लिपट गया और कुछ समय उपरांत वह हिना ढूंढना बंद कर दिया |

 

प्रश्न ८ – सोनजुही में लगी पीली कली को देख लेखिका के मन में कौन से विचार उमड़ने लगे उत्तर -सोनजुही के में लगी पीली कली को देखकर लेखिका के मन में उस छोटे से जीव की याद आ गई जिसे वे किंतु कहते थे वास्तव में गिल्लू एक गिलहरी थी जो उसे एक पेड़ के नीचे से मिली थी वह घायल अवस्था में थी |

 

प्रश्न ९ – सोनजुही के लता के नीचे बनी गिल्लू की समाधि से लेखिका के मन में किस विश्वास का जन्म होता है उत्तर सोनजुही के लता के नीचे गिल्लू की समाधि बनाई गई क्योंकि यह लता गिल्लू को बहुत पसंद थी | और साथ ही साथ लेखिका को यह विश्वास हो गया कि इस छोटे से जीव को इस बेल पर लगे फूल के रूप में सदैव देखते रहेंगे जूही में जब पीले फूल लगेंगे तो लेखिका के समक्ष गिल्लू की स्मृति साकार हो जाएगी इससे उन्हें बड़ा संतोष मिलता रहेगा

 

प्रश्न १ 0 -प्रश्न प्रभात की प्रथम किरण के स्पर्श के साथ ही साथ वह किसी और जीवन में जागने के लिए सो गया इसको स्पष्ट कीजिए

उत्तर -इस कथन का आशय यह है कि सुबह होते ही गिल्लू की मृत्यु हो गई और वह हमेशा के लिए सो गया था कि वह किसी ने जीवन को प्राप्त कर सके और कहीं और जाकर नया जीवन प्राप्त कर सके|

 

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